सूरह अल-मुमिनून

وَإِنَّ ٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِٱلْـَٔاخِرَةِ عَنِ ٱلصِّرَٰطِ لَنَـٰكِبُونَ

Wa innal-lażīna lā yu'minūna bil-ākhirati ‘aniṣ-ṣirāṭi lanākibūn(a).

किन्तु जो लोग आख़िरत पर ईमान नहीं रखते वे इस मार्ग से हटकर चलना चाहते है

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