सूरह अल-मुमिनून

وَشَجَرَةً تَخْرُجُ مِن طُورِ سَيْنَآءَ تَنۢبُتُ بِٱلدُّهْنِ وَصِبْغٍ لِّلْـَٔاكِلِينَ

Wa syajaratan takhruju min ṭūri sainā'a tambutu bid-duhni wa ṣibgil lil-ākilīn(a).

और वह वृक्ष भी जो सैना पर्वत से निकलता है, जो तेल और खानेवालों के लिए सालन लिए हुए उगता है

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