सूरह अल-मुमिनून

أَمْ لَمْ يَعْرِفُوا۟ رَسُولَهُمْ فَهُمْ لَهُۥ مُنكِرُونَ

Am lam ya‘rifū rasūlahum fahum lahū munkirūn(a).

या उन्होंने अपने रसूल को पहचाना नहीं, इसलिए उसका इनकार कर रहे है?

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