सूरह अन-निसा

وَمَن يَكْسِبْ خَطِيٓـَٔةً أَوْ إِثْمًا ثُمَّ يَرْمِ بِهِۦ بَرِيٓـًٔا فَقَدِ ٱحْتَمَلَ بُهْتَـٰنًا وَإِثْمًا مُّبِينًا

Wa may yaksib khaṭī'atan au iṡman ṡumma yarmi bihī barī'an fa qadiḥtamala buhtānaw wa iṡmam mubīnā(n).

और जो व्यक्ति कोई ग़लती या गुनाह की कमाई करे, फिर उसे किसी निर्दोष पर थोप दे, तो उसने एक बड़े लांछन और खुले गुनाह का बोझ अपने ऊपर ले लिया

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