सूरह अन-निसा

مُّذَبْذَبِينَ بَيْنَ ذَٰلِكَ لَآ إِلَىٰ هَـٰٓؤُلَآءِ وَلَآ إِلَىٰ هَـٰٓؤُلَآءِ ۚ وَمَن يُضْلِلِ ٱللَّهُ فَلَن تَجِدَ لَهُۥ سَبِيلًا

Mużabżabīna baina żālik(a), lā ilā ha'ulā'i wa lā ilā ha'ulā'(i), wa may yuḍlilillāhu falan tajida lahū sabīlā(n).

इसी के बीच डाँवाडोल हो रहे है, न इन (ईमानवालों) की तरफ़ के है, न इन (इनकार करनेवालों) की तरफ़ के। जिसे अल्लाह भटका दे, उसके लिए तो तुम कोई राह नहीं पा सकते

सभी आयत 176 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।