सूरह अन-निसा

لَّعَنَهُ ٱللَّهُ ۘ وَقَالَ لَأَتَّخِذَنَّ مِنْ عِبَادِكَ نَصِيبًا مَّفْرُوضًا

La‘anahullāh(u), wa qāla la'attakhiżanna min ‘ibādika naṣībam mafrūḍā(n).

जिसपर अल्लाह की फिटकार है। उसने कहा था, "मैं तेरे बन्दों में से एख निश्चित हिस्सा लेकर रहूँगा

📝 टिप्पणी
165) इसका अर्थ यह है कि शैतान मनुष्यों को गुमराह करने का हर संभव प्रयास करेगा, सिवाय अल्लाह (सुब्हानहू व तआला) के चुने हुए मोमिन (आस्थावान) बंदों के (देखें सूरह अल-हिज्र 15:40 और सूरह सबा 34:20)।

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