सूरह अन-निसा

وَبِكُفْرِهِمْ وَقَوْلِهِمْ عَلَىٰ مَرْيَمَ بُهْتَـٰنًا عَظِيمًا

Wa bikufrihim wa qaulihim ‘alā maryama buhtānan ‘aẓīmā(n).

और उनके इनकार के कारण और मरयम के ख़िलाफ ऐसी बात करने पर जो एक बड़ा लांछन था -

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