सूरह अन-नहल
أَتَىٰٓ أَمْرُ ٱللَّهِ فَلَا تَسْتَعْجِلُوهُ ۚ سُبْحَـٰنَهُۥ وَتَعَـٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ
Atā amrullāhi falā tasta‘jilūh(u), subḥānahū wa ta‘ālā ‘ammā yusyrikūn(a).
आ गया आदेश अल्लाह का, तो अब उसके लिए जल्दी न मचाओ। वह महान और उच्च है उस शिर्क से जो व कर रहे है
📝 टिप्पणी
411) अल्लाह सुब्हानहू व तआला के जिस फैसले (आदेश) का यहाँ उल्लेख है, वह क़ियामत (न्याय) का दिन है जिसके बारे में बहुदेववादियों (मुशरिकों) को सचेत किया गया था।
सभी आयत 128 आयत
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128