सूरह अन-नहल

أَمْوَٰتٌ غَيْرُ أَحْيَآءٍ ۖ وَمَا يَشْعُرُونَ أَيَّانَ يُبْعَثُونَ

Amwātun gairu aḥyā'(in), wa mā yasy‘urūna ayyāna yub‘aṡūn(a).

मृत है, जिनमें प्राण नहीं। उन्हें मालूम नहीं कि वे कब उठाए जाएँगे

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