सूरह अन-नहल

فَأَصَابَهُمْ سَيِّـَٔاتُ مَا عَمِلُوا۟ وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا۟ بِهِۦ يَسْتَهْزِءُونَ

Fa aṣābahum sayyi'ātu mā ‘amilū wa ḥāqa bihim mā kānū bihī yastahzi'ūn(a).

अन्ततः उनकी करतूतों की बुराइयाँ उनपर आ पड़ी, और जिसका उपहास वे कहते थे, उसी ने उन्हें आ घेरा

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