सूरह अन-नहल

وَٱللَّهُ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءً فَأَحْيَا بِهِ ٱلْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَآ ۚ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةً لِّقَوْمٍ يَسْمَعُونَ

Wallāhu anzala minas-samā'i mā'an fa aḥyā bihil-arḍa ba‘da mautihā, inna fī żālika la'āyatal liqaumiy yasma‘ūn(a).

और अल्लाह ही ने आकाश से पानी बरसाया। फिर उसके द्वारा धरती को उसके मृत हो जाने के पश्चात जीवित किया। निश्चय ही इसमें उन लोगों के लिए बड़ी निशानी है जो सुनते है

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