सूरह अन-नहल

أَوَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَىٰ مَا خَلَقَ ٱللَّهُ مِن شَىْءٍ يَتَفَيَّؤُا۟ ظِلَـٰلُهُۥ عَنِ ٱلْيَمِينِ وَٱلشَّمَآئِلِ سُجَّدًا لِّلَّهِ وَهُمْ دَٰخِرُونَ

Awalam yarau ilā mā khalaqallāhu min syai'iy yatafayya'u ẓilāluhū ‘anil-yamīni wasy-syamā'ili sujjadal lillāhi wa hum dākhirūn(a).

या वह उन्हें त्रस्त अवस्था में पकड़ ले? किन्तु तुम्हारा रब तो बड़ा ही करुणामय, दयावान है

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