सूरह अल-अंबिया

يُسَبِّحُونَ ٱلَّيْلَ وَٱلنَّهَارَ لَا يَفْتُرُونَ

Yusabbiḥūnal-laila wan-nahāra wa lā yafturūn(a).

रात और दिन तसबीह करते रहते है, दम नहीं लेते

सभी आयत 112 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।