सूरह अल-अंबिया

وَمَا جَعَلْنَـٰهُمْ جَسَدًا لَّا يَأْكُلُونَ ٱلطَّعَامَ وَمَا كَانُوا۟ خَـٰلِدِينَ

Wa mā ja‘alnāhum jasadal lā ya'kulūnaṭ-ṭa‘āma wa mā kānū khālidīn(a).

उनको हमने कोई ऐसा शरीर नहीं दिया था कि वे भोजन न करते हों और न वे सदैव रहनेवाले ही थे

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