सूरह अल-अंबिया

وَجَعَلْنَا ٱلسَّمَآءَ سَقْفًا مَّحْفُوظًا ۖ وَهُمْ عَنْ ءَايَـٰتِهَا مُعْرِضُونَ

Wa ja‘alnas-samā'a saqfam maḥfūẓā(n), wa hum ‘an āyātihā mu‘riḍūn(a).

और हमने आकाश को एक सुरक्षित छत बनाया, किन्तु वे है कि उसकी निशानियों से कतरा जाते है

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