सूरह अल-अंबिया

لَاهِيَةً قُلُوبُهُمْ ۗ وَأَسَرُّوا۟ ٱلنَّجْوَى ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ هَلْ هَـٰذَآ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُكُمْ ۖ أَفَتَأْتُونَ ٱلسِّحْرَ وَأَنتُمْ تُبْصِرُونَ

Lāhiyatan qulūbuhum, wa asarrun-najwal-lażīna ẓalamū, hal hāżā illā basyarum miṡlukum, afa ta'tūnas-siḥra wa antum tubṣirūn(a).

उनके दिल दिलचस्पियों में खोए हुए होते है। उन्होंने चुपके-चुपके कानाफूसी की - अर्थात अत्याचार की नीति अपनानेवालों ने कि "यह तो बस तुम जैसा ही एक मनुष्य है। फिर क्या तुम देखते-बूझते जादू में फँस जाओगे?"

📝 टिप्पणी
488) यहाँ 'जादू' से उनका तात्पर्य क़ुरआन की आयतों से है।

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