सूरह अल-अंबिया

وَنَصَرْنَـٰهُ مِنَ ٱلْقَوْمِ ٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ بِـَٔايَـٰتِنَآ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَوْمَ سَوْءٍ فَأَغْرَقْنَـٰهُمْ أَجْمَعِينَ

Wa naṣarnāhu minal-qaumil-lażīna każżabū bi'āyātinā, innahum kānū qauma sau'in fa agraqnāhum ajma‘īn(a).

औऱ उस क़ौम के मुक़ाबले में जिसने हमारी आयतों को झुठला दिया था, हमने उसकी सहायता की। वास्तव में वे बुरे लोग थे। अतः हमने उन सबको डूबो दिया

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