सूरह अल-अंबिया

وَهَـٰذَا ذِكْرٌ مُّبَارَكٌ أَنزَلْنَـٰهُ ۚ أَفَأَنتُمْ لَهُۥ مُنكِرُونَ

Wa hāżā żikrum mubārakun anzalnāh(u), afa antum lahū munkirūn(a).

और वह बरकतवाली अनुस्मृति है, जिसको हमने अवतरित किया है। तो क्या तुम्हें इससे इनकार है

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