सूरह अल-अंबिया

بَلْ تَأْتِيهِم بَغْتَةً فَتَبْهَتُهُمْ فَلَا يَسْتَطِيعُونَ رَدَّهَا وَلَا هُمْ يُنظَرُونَ

Bal ta'tīhim bagtatan fa tabhatuhum falā yastaṭī‘ūna raddahā wa lā hum yunẓarūn(a).

बल्कि वह अचानक उनपर आएगी और उन्हें स्तब्ध कर देगी। फिर न उसे वे फेर सकेंगे और न उन्हें मुहलत ही मिलेगी

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