सूरह अश-शुअरा

وَتَنْحِتُونَ مِنَ ٱلْجِبَالِ بُيُوتًا فَـٰرِهِينَ

Wa tanḥitūna minal-jibāli buyūtan fārihīn(a).

तुम पहाड़ों को काट-काटकर इतराते हुए घर बनाते हो?

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