सूरह अश-शुअरा

فَنَجَّيْنَـٰهُ وَأَهْلَهُۥٓ أَجْمَعِينَ

Fa najjaināhu wa ahlahū ajma‘īn(a).

अन्ततः हमने उसे और उसके सारे लोगों को बचा लिया;

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