सूरह अश-शुअरा

وَمَآ أَضَلَّنَآ إِلَّا ٱلْمُجْرِمُونَ

Wa mā aḍallanā illal-mujrimūn(a).

और हमें तो बस उन अपराधियों ने ही पथभ्रष्ट किया

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