सूरह अश-शुअरा

ٱلَّذِينَ يُفْسِدُونَ فِى ٱلْأَرْضِ وَلَا يُصْلِحُونَ

Allażīna yufsidūna fil-arḍi wa lā yaṣliḥūn(a).

जो धरती में बिगाड़ पैदा करते है, और सुधार का काम नहीं करते।"

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