सूरह अश-शुअरा

وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهِم مَّطَرًا ۖ فَسَآءَ مَطَرُ ٱلْمُنذَرِينَ

Wa amṭarnā ‘alaihim maṭarā(n), fa sā'a maṭarul-munżarīn(a).

और हमने उनपर एक बरसात बरसाई। और यह चेताए हुए लोगों की बहुत ही बुरी वर्षा थी

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