सूरह अश-शुअरा

وَلَا تَبْخَسُوا۟ ٱلنَّاسَ أَشْيَآءَهُمْ وَلَا تَعْثَوْا۟ فِى ٱلْأَرْضِ مُفْسِدِينَ

Wa lā tabkhasun-nāsa asy-yā'ahum wa lā ta‘ṡau fil-arḍi mufsidīn(a).

और लोगों को उनकी चीज़ों में घाटा न दो और धरती में बिगाड़ और फ़साद मचाते मत फिरो

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