सूरह अश-शुअरा

وَنَزَعَ يَدَهُۥ فَإِذَا هِىَ بَيْضَآءُ لِلنَّـٰظِرِينَ

Wa naza‘a yadahū fa iżā hiya baiḍā'u lin-nāẓirīn(a).

और उसने अपना हाथ बाहर खींचा तो फिर क्या देखते है कि वह देखनेवालों के सामने चमक रहा है

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