सूरह अश-शुअरा

وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُوٓءٍ فَيَأْخُذَكُمْ عَذَابُ يَوْمٍ عَظِيمٍ

Wa lā tamassūhā bisū'in fa ya'khużakum ‘ażābu yaumin ‘aẓīm(in).

तकलीफ़ पहुँचाने के लिए इसे हाथ न लगाना, अन्यथा एक बड़े दिन की यातना तुम्हें आ लेगी।"

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