सूरह अश-शुअरा

يُلْقُونَ ٱلسَّمْعَ وَأَكْثَرُهُمْ كَـٰذِبُونَ

Yulqūnas-sam‘a wa akṡaruhum kāżibūn(a).

वे कान लगाते है और उनमें से अधिकतर झूठे होते है

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