सूरह अश-शुअरा

فَيَأْتِيَهُم بَغْتَةً وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ

Fa ya'tiyahum bagtataw wa hum lā yasy‘urūn(a).

फिर जब वह अचानक उनपर आ जाएगी और उन्हें ख़बर भी न होगी,

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