सूरह अश-शुअरा

فَأَسْقِطْ عَلَيْنَا كِسَفًا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ

Fa asqiṭ ‘alainā kisafam minas-samā'i in kunta minaṣ-ṣādiqīn(a).

फिर तू हमपर आकाश को कोई टुकड़ा गिरा दे, यदि तू सच्चा है।"

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