सूरह अश-शुअरा

أَوَلَمْ يَكُن لَّهُمْ ءَايَةً أَن يَعْلَمَهُۥ عُلَمَـٰٓؤُا۟ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ

Awalam yakul lahum āyatan ay ya‘lamahū ‘ulamā'u banī isrā'īl(a).

क्या यह उनके लिए कोई निशानी नहीं है कि इसे बनी इसराईल के विद्वान जानते है?

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