सूरह अल-अनआम

قُلْ إِنِّىٓ أَخَافُ إِنْ عَصَيْتُ رَبِّى عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ

Qul innī akhāfu in ‘aṣaitu rabbī ‘ażāba yaumin ‘aẓīm(in).

कहो, "यदि मैं अपने रब की अवज्ञा करूँ, तो उस स्थिति में मुझे एक बड़े (भयानक) दिन की यातना का डर है।"

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