सूरह अल-अनआम

فَلَمَّا رَءَا ٱلشَّمْسَ بَازِغَةً قَالَ هَـٰذَا رَبِّى هَـٰذَآ أَكْبَرُ ۖ فَلَمَّآ أَفَلَتْ قَالَ يَـٰقَوْمِ إِنِّى بَرِىٓءٌ مِّمَّا تُشْرِكُونَ

Falammā ra'asy-syamsa bāzigatan qāla hāżā rabbī hāżā akbar(u), falammā afalat qāla yā qaumi innī barī'um mimmā tusyrikūn(a).

फिर जब उसने सूर्य को चमकता हुआ देखा, तो कहा, "इसे मेरा रब ठहराते हो! यह तो बहुत बड़ा है।" फिर जब वह भी छिप गया, तो कहा, "ऐ मेरी क़ौन के लोगो! मैं विरक्त हूँ उनसे जिनको तुम साझी ठहराते हो

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