सूरह अल-अराफ़

فَوَقَعَ ٱلْحَقُّ وَبَطَلَ مَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ

Fa waqa‘al-ḥaqqu wa baṭala mā kānū ya‘malūn(a).

इस प्रकार सत्य प्रकट हो गया और जो कुछ वे कर रहे थे, मिथ्या होकर रहा

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