सूरह अल-अराफ़

وَكَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ ٱلْـَٔايَـٰتِ وَلَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ

Wa każālika nufaṣṣilul-āyāti wa la‘allahum yarji‘ūn(a).

इस प्रकार स्थिति के अनुकूल आयतें प्रस्तुत करते है। और शायद कि वे पलट आएँ

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