सूरह अल-अराफ़

فَلَمَّا كَشَفْنَا عَنْهُمُ ٱلرِّجْزَ إِلَىٰٓ أَجَلٍ هُم بَـٰلِغُوهُ إِذَا هُمْ يَنكُثُونَ

Falammā kasyafnā ‘anhumur-rijza ilā ajalin hum bāligūhu iżā hum yankuṡūn(a).

किन्तु जब हम उनपर से यातना को एक नियत समय के लिए जिस तक वे पहुँचनेवाले ही थे, हटा लेते तो क्या देखते कि वे वचन-भंग करने लग गए

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