सूरह अल-अराफ़

وَلَقَدْ جِئْنَـٰهُم بِكِتَـٰبٍ فَصَّلْنَـٰهُ عَلَىٰ عِلْمٍ هُدًى وَرَحْمَةً لِّقَوْمٍ يُؤْمِنُونَ

Wa laqad ji'nāhum bikitābin faṣṣalnāhu ‘alā ‘ilmin hudaw wa raḥmatal liqaumiy yu'minūn(a).

और निश्चय ही हम उनके पास एक ऐसी किताब ले आए है, जिसे हमने ज्ञान के आधार पर विस्तृत किया है, जो ईमान लानेवालों के लिए मार्गदर्शन और दयालुता है

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