सूरह अल-अराफ़

قَالَ ٱلْمَلَأُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِن قَوْمِهِۦٓ إِنَّا لَنَرَىٰكَ فِى سَفَاهَةٍ وَإِنَّا لَنَظُنُّكَ مِنَ ٱلْكَـٰذِبِينَ

Qālal-mala'ul-lażīna kafarū min qaumihī innā lanarāka fī safāhatiw wa innā lanaẓunnuka minal-kāżibīn(a).

उसकी क़ौम के इनकार करनेवाले सरदारों ने कहा, "वास्तव में, हम तो देखते है कि तुम बुद्धिहीनता में ग्रस्त हो और हम तो तुम्हें झूठा समझते है।"

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