सूरह अल-अराफ़

وَلَقَدْ أَخَذْنَآ ءَالَ فِرْعَوْنَ بِٱلسِّنِينَ وَنَقْصٍ مِّنَ ٱلثَّمَرَٰتِ لَعَلَّهُمْ يَذَّكَّرُونَ

Wa laqad akhażnā āla fir‘auna bis-sinīna wa naqṣim minaṡ-ṡamarāti la‘allahum yażżakkarūn(a).

और हमने फ़िरऔनियों को कई वर्ष तक अकाल और पैदावार की कमी में ग्रस्त रखा कि वे चेतें

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