सूरह अस-साफ़्फ़ात

إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِۦٓ أَلَا تَتَّقُونَ

Iż qāla liqaumihī alā tattaqūn(a).

याद करो, जब उसने अपनी क़ौम के लोगों से कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते?

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