सूरह अस-साफ़्फ़ात

فَـَٔامَنُوا۟ فَمَتَّعْنَـٰهُمْ إِلَىٰ حِينٍ

Fa'āmanū famatta‘nāhum ilā ḥīn(in).

फिर वे ईमान लाए तो हमने उन्हें एक अवधि कर सुख भोगने का अवसर दिया।

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