सूरह अस-साफ़्फ़ात

فَإِنَّمَا هِىَ زَجْرَةٌ وَٰحِدَةٌ فَإِذَا هُمْ يَنظُرُونَ

Fa'innamā hiya zajratuw wāḥidatun fa'iżā hum yanẓurūn(a).

वह तो बस एक झिड़की होगी। फिर क्या देखेंगे कि वे ताकने लगे है

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