सूरह अस-साफ़्फ़ात

وَإِذَا رَأَوْا۟ ءَايَةً يَسْتَسْخِرُونَ

Wa iżā ra'au āyatay yastaskhirūn(a).

और जब कोई निशानी देखते है तो हँसी उड़ाते है

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