सूरह अस-साफ़्फ़ात

وَإِنَّكُمْ لَتَمُرُّونَ عَلَيْهِم مُّصْبِحِينَ

Wa innakum latamurrūna ‘alaihim muṣbiḥīn(a).

और निस्संदेह तुम उनपर (उनके क्षेत्र) से गुज़रते हो कभी प्रातः करते हुए

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