सूरह अस-साफ़्फ़ात

فَإِذَا نَزَلَ بِسَاحَتِهِمْ فَسَآءَ صَبَاحُ ٱلْمُنذَرِينَ

Fa iżā nazala bisāḥatihim fa sā'a ṣabāḥul-munżarīn(a).

तो जब वह उनके आँगन में उतरेगी तो बड़ी ही बुरी सुबह होगी उन लोगों की, जिन्हें सचेत किया जा चुका है!

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