सूरह अस-साफ़्फ़ात

ثُمَّ دَمَّرْنَا ٱلْـَٔاخَرِينَ

Ṡumma dammarnal-ākharīn(a).

फिर दूसरों को हमने तहस-नहस करके रख दिया

📝 टिप्पणी
652) यानी वे लोग जो शहर में ही पीछे रह गए और पैगंबर लूत (अलैहिस सलाम) के साथ बाहर नहीं गए।

सभी आयत 182 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।