सूरह अस-साफ़्फ़ात

وَمَا مِنَّآ إِلَّا لَهُۥ مَقَامٌ مَّعْلُومٌ

Wa mā minnā illā lahū maqāmum ma‘lūm(un).

और हमारी ओर से उसके लिए अनिवार्यतः एक ज्ञात और नियत स्थान है

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