सूरह अस-साफ़्फ़ात

وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيْكُم مِّن سُلْطَـٰنٍۭ ۖ بَلْ كُنتُمْ قَوْمًا طَـٰغِينَ

Wa mā kāna lanā ‘alaikum min sulṭān(in), bal kuntum qauman ṭāgīn(a).

और हमारा तो तुमपर कोई ज़ोर न था, बल्कि तुम स्वयं ही सरकश लोग थे

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