सूरह अस-साफ़्फ़ात

فَٱسْتَفْتِهِمْ أَلِرَبِّكَ ٱلْبَنَاتُ وَلَهُمُ ٱلْبَنُونَ

Fastaftihim alirabbikal-banātu wa lahumul-banūn(a).

अब उनसे पूछो, "क्या तुम्हारे रब के लिए तो बेटियाँ हों और उनके अपने लिए बेटे?

📝 टिप्पणी
655) मक्का के बहुदेववादी (मशरिक) कहते थे कि फ़रिश्ते (दूत) अल्लाह सुबहानहु व ताआला की बेटियाँ हैं, जबकि वे स्वयं बेटियों को हीन (अपमानजनक) मानते थे।

सभी आयत 182 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।