सूरह अस-साफ़्फ़ात

لَلَبِثَ فِى بَطْنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ

Lalabiṡa fī baṭnihī ilā yaumi yub‘aṡūn(a).

तो उसी के भीतर उस दिन तक पड़ा रह जाता, जबकि लोग उठाए जाएँगे।

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